जो हम होते पूत कमाऊ


चाहे हम जो भी कह देते
वो सब बातें मानी जाती
झूठ अगर हम कहते फिर भी
सच सारी जानी जातीं
जो भी आँख दिखाते हमको
जो देते हर पल ताने
होठों पर मुस्कान सजा कर
वो सब अपनी महिमा गाते
जो हम होते पूत कमाऊ
घर के हम दिनकर कहलाते ।

    Viky Chahar

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